कोविड के बाद के बड़े पैमाने पर धन पुनर्वितरण कार्यक्रम का संभावित परिणाम देखा जाना बाकी है, लेकिन जो स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है वह विश्व पूंजीवाद के नवउदारवादी चरण का अंत है।
हिंदुस्तान को किसी दूसरे देश की मदद दरकार है या नहीं है? यह एक बेहद गंभीर सवाल है लेकिन इसे इस ढंग से पूछा जाना चाहिए कि क्या अपने देश में आयी किसी भी विपदा का सामना करने में हम सक्षम हैं या नहीं?
न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हम बात करेंगे सुप्रीम कोर्ट ने वैक्सीन की दो क़ीमतों पर किए सवाल, राजद्रोह क़ानून पर हुई SC में बहस और अन्य ख़बरों के बारे में।
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने सरकारी प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा कि लक्षद्वीप का भविष्य चिंता का विषय है और इसकी अनूठी एवं स्थानीय जीवनशैली को कमजोर करना अस्वीकार्य है।
सांसद फैज़ल ने कहा, “अगर केंद्र प्रफुल्ल पटेल का समर्थन करता है, तो हमारे लिए अगला विकल्प हस्तक्षेप के लिए अदालतों का दरवाजा खटखटाना है। हम केंद्र को हमारी आवाज सुनाने और अपनी जायज मांगों पर विचार के…