NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
योगी सरकार पर सवाल उठाने वाले IPS अधिकारी हिमांशु कुमार सस्पेंड
उत्तर प्रदेश सरकार ने आईपीएस अधिकारी हिमांशु कुमार को सस्पेंड कर दिया है।
सबरंग इंडिया
25 Mar 2017
योगी सरकार पर सवाल उठाने वाले IPS अधिकारी हिमांशु कुमार सस्पेंड

उत्तर प्रदेश सरकार ने आईपीएस अधिकारी हिमांशु कुमार को सस्पेंड कर दिया है। बता दें कि हाल में हिमांशु कुमार ने योगी सरकार पर यादव सरनेम वाले पुलिसकर्मियों के साथ जातीगत भेदभाव का आरोप लगाया था। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि हिमांशु के खिलाफ बिहार की एक अदालत से जमानती वारंट जारी किया गया है, जिस वजह से उन्हें संस्पेड किया गया है। 

सस्पेंड होने के बाद हिमांशु कुमार ने ट्वीट कर कहा कि ‘सत्य की हमेशा जीत होती है।’

बता दें कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद हर रोज नए-नए फैसले को लेकर राज्य में हलचल मची हुई है, सबसे ज्यादा हरकत में पुलिस विभाग है। कुछ दिन पहले लखनऊ में पुलिस मुख्यालय में तैनात आईपीएस अधिकारी हिमांशु कुमार ने एक ट्वीट कर दिल्ली से लेकर लखनऊ तक ‘हड़कंप’ मचा दिया था।

हिमांशु द्वारा किए गए इस ट्वीट में लिखा गया था कि ”कुछ वरिष्ठ अधिकारियों में उन सभी पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड/लाइन हाजिर करने की जल्दी है जिनके नाम में ‘यादव’ है।”

हालांकि ट्वीट वायरल होने और विवाद बढ़ता देख हिमांशु ने अपना ट्वीट हटा लिया।


उन्होंने कहा था कि पुलिस पर भारी दबाव है। सभी ‘यादव’ सरनेम वाले पुलिसकर्मियों की ट्रांसफर/पोस्टिंग को लेकर हड़कंप की स्थिति है। उन्हें(पुलिसवालों) डर है या तो सस्पेंड किया जाएगा या फिर लाइन हाजिर कर दिया जाएगा। बाद में हंगामा बढ़ता देख आईपीएस ने ट्वीट हटाते हुए अपने सफाई में एक और ट्वीट में लिखा था कि मेरे ट्वीट का गलत मतलब निकाला गया है।

Courtesy: सबरंग इंडिया
उत्तर प्रदेश
भाजपा
आदित्यनाथ

Related Stories

उप्र बंधक संकट: सभी बच्चों को सुरक्षित बचाया गया, आरोपी और उसकी पत्नी की मौत

नागरिकता कानून: यूपी के मऊ अब तक 19 लोग गिरफ्तार, आरएएफ और पीएसी तैनात

#श्रमिकहड़ताल : शौक नहीं मज़बूरी है..

आपकी चुप्पी बता रहा है कि आपके लिए राष्ट्र का मतलब जमीन का टुकड़ा है

अबकी बार, मॉबलिंचिग की सरकार; कितनी जाँच की दरकार!

यूपी-बिहार: 2019 की तैयारी, भाजपा और विपक्ष

आरक्षण खात्मे का षड्यंत्र: दलित-ओबीसी पर बड़ा प्रहार

झारखंड बंद: भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन के खिलाफ विपक्ष का संयुक्त विरोध

सोनभद्र में चलता है जंगल का कानून

यूपीः मेरठ के मुस्लिमों ने योगी की पुलिस पर भेदभाव का लगाया आरोप, पलायन की धमकी दी


बाकी खबरें

  • ऋचा चिंतन
    WHO की कोविड-19 मृत्यु दर पर भारत की आपत्तियां, कितनी तार्किक हैं? 
    25 Apr 2022
    भारत ने डब्ल्यूएचओ के द्वारा अधिक मौतों का अनुमान लगाने पर आपत्ति जताई है, जिसके चलते इसके प्रकाशन में विलंब हो रहा है।
  • एजाज़ अशरफ़
    निचले तबकों को समर्थन देने वाली वामपंथी एकजुटता ही भारत के मुस्लिमों की मदद कर सकती है
    25 Apr 2022
    जहांगीरपुरी में वृंदा करात के साहस भरे रवैये ने हिंदुत्ववादी विध्वंसक दस्ते की कार्रवाई को रोका था। मुस्लिम और दूसरे अल्पसंख्यकों को अब तय करना चाहिए कि उन्हें किसके साथ खड़ा होना होगा।
  • लाल बहादुर सिंह
    वीर कुंवर सिंह के विजयोत्सव को विभाजनकारी एजेंडा का मंच बनाना शहीदों का अपमान
    25 Apr 2022
    ब्रिटिश साम्राज्यवाद के विरुद्ध हिन्दू-मुस्लिम जनता की एकता की बुनियाद पर लड़ी गयी आज़ादी के लड़ाई से विकसित भारतीय राष्ट्रवाद को पाकिस्तान विरोधी राष्ट्रवाद (जो सहजता से मुस्लिम विरोध में translate कर…
  • आज का कार्टून
    काश! शिक्षा और स्वास्थ्य में भी हमारा कोई नंबर होता...
    25 Apr 2022
    SIPRI की एक रिपोर्ट के मुताबिक मोदी सरकार ने साल 2022 में हथियारों पर जमकर खर्च किया है।
  • वसीम अकरम त्यागी
    शाहीन बाग़ की पुकार : तेरी नफ़रत, मेरा प्यार
    25 Apr 2022
    अधिकांश मुस्लिम आबादी वाली इस बस्ती में हिंदू दुकानदार भी हैं, उनके मकान भी हैं, धार्मिक स्थल भी हैं। समाज में बढ़ रही नफ़रत क्या इस इलाक़े तक भी पहुंची है, यह जानने के लिये हमने दुकानदारों,…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License