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भारत
अंतरराष्ट्रीय
युवराज की क्रिकेट पारी का गुमनाम अंत
सीमित ओवरों के क्रिकेट में भारत के बेहतरीन हरफनमौला खिलाड़ियों में शुमार युवराज सिंह ने सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी लेकिन उनके प्रसंशको को बीसीसीआई से एक शिकायत है की इतने बड़े खिलाड़ी को एक फेयरवेल मैच क्यों नहीं दिया गया?
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
10 Jun 2019
Yuvraj

जब दुनिया की सभी क्रिकेट टीम  क्रिकेट के सबसे बड़े महाकुंभ कहे जाने वाले टूर्नमेन्ट वर्ल्डकप खेल रही है,उसी के बिच में सीमित ओवरों के क्रिकेट में भारत के बेहतरीन हरफनमौला खिलाड़ियों में शुमार युवराज सिंह ने सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी।

एक महान क्रिकेटर का इस तरह से अपने करियर का अंत एक बार फिर से बीसीसीआई के कार्य प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। क्योंकि जिस खिलाडी ने देश को दो-दो वर्ल्डकप खिताब जिताया हो उसको एक फेयरवेल मैच न मिले यह उसके साथ अन्याय से काम नहीं है। शायद इसका दर्द वो खिलाडी ही समझ सकता है। इसको लेकर युवराज सिंह के प्रसंशको में भारी गुस्सा भी है की उन्हें फेयरवेल मैच क्यों नहीं दिया गया?

युवराज ने सोमवार को मुंबई में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह उनके लिए काफी भावनात्मक पल है और उनका करियर एक रोलर-कोस्टर की तरह रहा है। युवराज ने कहा कि वह काफी समय से रिटायरमेंट के बारे में सोच रहे थे और अब उनका प्लान आईसीसी द्वारा मान्यता प्राप्त टी-20 टूर्नामेंट्स में खेलने का है।  युवराज ने अपना अंतिम टेस्ट साल 2012 में खेला था। सीमित ओवरों के क्रिकेट में वह अंतिम बार 2017 में दिखे थे।

19 साल लंबे करियर का10 जून को अंत हो गया ,युवराज सिंह ने अपना पहला डेब्यू मैच सन 2000 में केन्या के खिलाफ खेला था, पर उन्हें बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला था। उनको बल्लेबाजी करने का मौका अगले मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिला, जिसमे उन्होंने 84 रन बनाकर भारत को जीत दिलाई थी।    

चंडीगढ़ के 37 वर्षीय युवराज सिंह ने भारत के लिए 40 टेस्ट, 304 वनडे और 58 टी-20 मैच खेले है। टेस्ट में युवराज ने तीन शतकों और 11 अर्धशतकों की मदद से कुल 1900 रन बनाए जबकि वनडे में उन्होंने 14 शतकों और 52 अर्धशतकों की मदद से 8701 रन जुटाए। इसी तरह टी-20 मैचों में युवराज ने कुल 1177 रन बनाए। इसमें आठ अर्धशतक शामिल हैं। सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं बल्कि गेंदबाज़ी में भी युवराज सिंह ने अपना कदम जमाये रखा। उन्होंने टेस्ट मैचों में 9, वनडे में 111 और टी-20 मैचों में 28 विकेट लिए है।

युवराज उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक हैं, जिन्होंने भारत के साथ दो विश्व कप जीते हैं। 2007 में भारत ने टी-20 विश्व कप जीता था, तब युवराज टीम के सदस्य थे और उस दौरान युवराज ने इंग्लैंड के गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में छह छक्के लगाने का कारनामा किया था। उस मैच में युवराज ने 12 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया था, जो अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में आज भी एक मील का पत्थर बना हुआ है।

2011 एकदिवसीय वर्ल्ड कप में भी भारत को जीत दिलाने में युवराज सिंह ने अहम् भूमिका निभाई थी जिसे देश कभी नहीं भुला सकता। यहाँ तक की उन्हें मैन ऑफ़ द सीरीज का खिताब भी मिला था। सन्यास का एलान करते समय उन्होंने 2011 वर्ल्ड कप को याद करते हुए कहा कि, “मेरा 2011 के वर्ल्ड कप टीम में रहना मेरे लिए ज़िन्दगी का सबसे बेहतरीन पल था। मेरे लिए वर्ल्ड कप जीतना एक सपना था जो की पूरा हो गया।”

उन्होंने इस वर्ल्ड कप में 90.50 के औसत से 362 रन बनाये थे जिसमे 1 शतक और 4 अर्धशतक भी शामिल है। इसके साथ साथ वे 15 विकेट भी हासिल किये थे। इस वर्ल्ड कप में भारत 28 साल बाद एकदिवसीय क्रिकेट वर्ल्ड कप जीती थी।

युवराज के लिए वह विश्व कप खास था क्योंकि जब भारत ने पहली बार विश्व कप जीतोथा, तब उनका जन्म भी नहीं हुआ था और जब वह विश्व चैम्पियन बने तो उन्होंने अपने नाम एक अनोखा रिकार्ड जोड़ लिया। युवराज पहले ऐसे ऑलराउंडर हैं, जिन्होंने किसी विश्व कप में 300 से अधिक रन बनाने के अलावा 15 विकेट भी हासिल किए हों।

लेकिन इसके बाद ही पूरा देश हैरान हो गया था की भारतीय टीम के अहम् खिलाड़ी युवराज सिंह कैंसर जैसी घातक बीमारी से जूझ रहे है। लेकिन अपनी हिम्मत के सहारे उन्होंने 1 साल में ही इस बीमारी से लड़ कर मैदान में वापसी की।

2012 में वापस वो भारतीय टीम में शामिल हुए और इस बार सिर्फ शामिल ही नहीं बल्कि यह एक प्रेरणादायक वापसी थी। वो जिस लगन और मेहनत से अपनी टीम के लिए खेलते है वो काफी प्रशंशनीय है। वे हाल ही में खत्म हुए आईपीएल-2019 में मुंबई इन्डियनस के हिस्सा थे- जहाँ रोहित शर्मा की नेतृत्वा वाली फ्रैंचाइज़ी ने अंतिम समय ख़रीदा था।

इन्होने अपने अंतर्राष्ट्रीय खेल करियर के 304 वनडे, 40 टेस्ट और 58 टी-20 में 11000 रन बनाये है। इसके अलावा इन्होने इस खेल के तीनो प्रारूपों में कुल 148 विकेट लिए है।

(समाचार एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ) 

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