NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
घटना-दुर्घटना
भारत
हिमाचल : सात सैनिकों की मौत के बाद सीएम कह रहे हैं इमारत अवैध थी
अफसोस हर बार हादसे के बाद ही पता चलता है कि इमारत तय मानकों के अनुसार नहीं बनी थी। मुख्यमंत्री भी अब कह रह हैं कि राज्य में इस तरह की कई इमारतें हैं, जिनमें नियमों का पालन नहीं किया गया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 Jul 2019
सोलन में इमारत गिरी
Image Courtesy: Hindustan

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में चार मंजिला इमारत गिरने से सेना के सात जवानों समेत कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई है। मलबे में कई लोगों के दबे कहोने की अब भी आशंका है।

मगर अफसोस हर बार हादसे के बाद ही पता चलता है कि इमारत तय मानकों के अनुसार नहीं बनी थी। वो चाहे 2018 में इसी जुलाई महीने में उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी में इमारत का गिरना हो या इसी साल मई महीने में गुजरात के सूरत में कोचिंग सेंटर में आग लगने का मामला या फिर फरवरी में दिल्ली के करोलबाग में होटल का अग्निकांड सभी में बाद में बताया जाता है कि यहां तय मानकों का उल्लंघन किया जा रहा था।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री भी अब कह रह हैं कि राज्य में इस तरह की कई इमारतें हैं, जिनमें नियमों का पालन नहीं किया गया है। अब इन सबकी जांच की जाएगी।

पुलिस ने सोमवार को बताया कि यह इमारत नाहन-कुमारहट्टी सड़क पर स्थित थी जो रविवार शाम की भारी बारिश के बाद गिर गयी। इसमें एक रेस्त्रां भी था।

अधिकारियों ने बताया कि सेना के सात जवानों और एक नागरिक का शव अब तक मलबे से बाहर निकाला गया है।

सोलन उपमंडल के मजिस्ट्रेट रोहित राठौर ने बताया कि कम से कम सात लोगों के अब भी मलबे में दबे होने की आशंका है।

उन्होंने कहा कि मलबे में फंसे लोगों की वास्तविक संख्या का पता बचाव अभियान खत्म होने के बाद ही चलेगा। ऐसी उम्मीद है कि यह बचाव अभियान शाम तक समाप्त हो जाएगा।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सोमवार सुबह घटनास्थल का दौरा किया और उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि यह इमारत तय निर्देशों के अनुसार नहीं बनी थी।

उन्होंने कहा, ‘‘मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया गया है और रिपोर्ट मिलने के बाद उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस इमारत के मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘ राज्य में इस तरह की कई इमारतें हैं। नियमों का बिना पालन किए हुए मालिकों ने इसका निर्माण किया है। इसकी जांच के लिए जिस चीज की भी जरूरत है उसे किया जाएगा।’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ बचाव अभियान अब भी जारी है। जरूरी उपकरण एक हेलीकॉप्टर की मदद से शिमला के सुन्नी से बचाव अभियान चलाने के लिए रविवार शाम ही मंगवा लिया गया था।’’

उन्होंने कहा कि मलबे में फंसे लोगों की वास्तविक संख्या का पता बचाव अभियान खत्म होने के बाद ही चलेगा।

एक घायल सैनिक ने संवाददाताओं को बताया कि यह इमारत जब गिरी उस दौरान यहां सेना के 35 कर्मी मौजूद थे जिनमें से 30 जूनियर कमिशन्ड अधिकारी (जेसीओएस) और पांच सैनिक थे।

उन्होंने बताया कि निकट के डगशाई छावनी के चार असम रेजिमेंट के जवान ‘पार्टी करने के लिए एक रेस्त्रां में गए थे क्योंकि यह रविवार का दिन था लेकिन अचानक से इमारत हिली और तुरंत ही गिर गई।’’

वहीं एक अन्य घायल सैनिक राकेश कुमार ने बताया कि घटना के समय सेना के कई कर्मियों समेत रेस्त्रां के कर्मी और अन्य ग्राहकों समेत करीब 50 लोग मौजूद थे।

उन्होंने कहा, ‘‘ हमने सोचा कि भूकंप आया है और हमें नहीं याद कि यह इमारत कैसे गिर गई और हम मलबे के अंदर दब गए। मैं करीब 10-15 मिनट तक फंसा रहा जिसके बाद कुछ लोगों ने मुझे बचाया।’’

आपदा प्रबंधन के निदेशक सह विशेष राजस्व सचिव डी सी राणा ने पीटीआई-भाषा को बताया कि शुरुआत में भारतीय सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और पुलिस ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान की शुरुआत की। इसके बाद राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की दो टीम रविवार रात में घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव अभियान में जुट गई।

ये दो टीमें हरियाणा के पंचकूला और शिमला के सुन्नी से थीं। वहीं तीसरी टीम भी पंचकूला से पहुंची और सोमवार सुबह बचाव अभियान शुरू किया।

(भाषा के इनपुट के साथ)

Himachal Pradesh
solan
building collapse
Army
jayram thakur
BJP Govt

Related Stories

हिमाचल प्रदेश: फैक्ट्री में ब्लास्ट से 6 महिला मज़दूरों की मौत, दोषियों पर हत्या का मुक़दमा दर्ज करने की मांग

सेना का हेलीकॉप्टर क्रैश, किसानों के केस वापसी पर मानी सरकार और अन्य ख़बरें।

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में भूस्खलन स्थल से छह और शव बरामद, मृतक संख्या बढ़कर 23 हुई

मुंबई : चार मंजिला इमारत ढही, आठ बच्चों सहित 11 की मौत,सात लोग घायल, मकान मालिक व ठेकेदार पर दर्ज हुआ केस

हिमाचल प्रदेश: टनल हादसा, चार मज़दूरों की मौत का ज़िम्मेदार कौन?

हिमाचल के चम्बा में बस खाई में गिरी, 9 की मौत, मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

महाराष्ट्र: इमारत ढहने की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 8 हुई

दिल्ली: सीलमपुर में इमारत ढहने से दो लोगों की मौत

हिमाचल :10 साल में  30,993 सड़क हादसों में 11,561 लोगों की मौत,जिम्मेदार कौन ?

सूरत अग्निकांड : प्रारंभिक जांच में सामने आई नगर निगम और बिल्डर की ग़लती


बाकी खबरें

  • Modi
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: गुजरात में मोदी के चुनावी प्रचार से लेकर यूपी में मायावती-भाजपा की दोस्ती पर..
    03 Apr 2022
    हर हफ़्ते की तरह इस बार भी कुछ ज़रूरी राजनीतिक ख़बरों को लेकर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : आग़ा हश्र कश्मीरी की दो ग़ज़लें
    03 Apr 2022
    3 अप्रैल 1879 में जन्मे उर्दू शायर, अफ़सानानिगार और प्लेराइट आग़ा हश्र कश्मीरी की जयंती पर पढ़िये उनकी दो ग़ज़लें...
  • april fools
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    एप्रिल फूल बनाया, हमको गुस्सा नहीं आया
    03 Apr 2022
    अभी परसों ही एक अप्रैल गुजरा है। एप्रिल फूल बनाने का दिन। अभी कुछ साल पहले तक एक अप्रैल के दिन लोगों को बेवकूफ बनाने का काफी प्रचलन था। पर अब लगता है लोगों ने यह एक अप्रैल को फूल बनाने का चक्कर अब
  • ज़ाहिद खान
    कलाकार: ‘आप, उत्पल दत्त के बारे में कम जानते हैं’
    03 Apr 2022
    ‘‘मैं तटस्थ नहीं पक्षधर हूं और मैं राजनीतिक संघर्ष में विश्वास करता हूं। जिस दिन मैं राजनीतिक संघर्ष में हिस्सा लेना बंद कर दूंगा, मैं एक कलाकार के रूप में भी मर जाऊंगा।’’
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    CBI क्यों बनी 'तोता', कैसे हो सकती है आजाद, CJI ने क्यों जताई चिंता
    02 Apr 2022
    दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टेब्लिशमेन्ट एक्ट-1946 के तहत सन् 1963 में स्थापित सीबीआई और देश की अन्य जांच एजेंसियों को क्यों सरकारी नियंत्रण से मुक्त होना चाहिए? एक सुसंगत लोकतंत्र के लिए इन संस्थाओं का…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License