NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
लैटिन अमेरिका
नज़रिया : ग्रेबिएल बोरिक की जीत चिली के वामपंथ के लिए बड़ा मौक़ा
डी डब्ल्यू की एमिलिया रोजास लिखती हैं कि राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे साफ़ होने से यही पता चलता है कि चिली में मतदाता बदलाव चाहते हैं।
एमिलिया रोजास-सासे
23 Dec 2021
chile
चिली के राष्ट्रपति ग्रेबिएल बोरिक के समर्थक रविवार शाम को उनकी जीत का जश्न मनाते हुए

चिली में अनिश्चित्ता के ऊपर उम्मीद ने जीत दर्ज कर ली है और इसका नतीज़ा बेहद शानदार रहा है। देश के राष्ट्रपति चुनावों में गेब्रिएल बोरिक की जीत ने आगे समाजा में ढांचागत बदलाव लाने और ज़्यादा निष्पक्ष समाज बनाने का रास्ता दुरुस्त किया है।

सबसे आश्चर्यजनक यह रहा कि वे आराम से 11 फ़ीसदी मतांतर से जीत गए। कई मुख्यधारा के मतदाता, जिनकी पार्टी पहले दौर में बाहर हो गई थी, उन्होंने ग्रेबिएल बोरिक को स्पष्ट जीत दिलाने में मदद करवाई।

वामपंथी ग्रेब्रिएल बोरिक ने जीता चिली का राष्ट्रपति चुनाव

यह इतनी एकतरफा जीत थी कि जब 50 फ़ीसदी विधानक्षेत्रों का नतीज़ा आना बाकी था, तभी दक्षिणपंथी प्रत्याशी जोश एंटोनियो ने हार मान ली थी और नतीज़े की घोषणा हो गई थी। ऐसा लगता है कि आगे अच्छा वक़्त आ रहा है। 

ज़्यादा मतदान के चलते आई ज़्यादा वैधानिकता

एक और इशारा ज़्यादा संख्या में मतदाताओं द्वारा मतदान रहा। इससे अगली सरकार को ज़्यादा वैधानिकता और काम करने के लिए ज़्यादा व्यापक आधार मिलेगा। फिर स्वस्थ्य लोकतांत्रिक परंपराओं के तहत हारने वाले प्रत्याशी और निर्वतमान राष्ट्रपति सेबाशियन पिनेरा ने जीतने वाले प्रत्याशी को बधाई दी और उन्हें भविष्य की शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

जब देश रविवार शाम को लोकतंत्र का जश्न मना रहा था, तब चुनाव कैंपेन से मूड बहुत अलग था। उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में जब सरकार कार्यभार संभालेगी, तब तक भी ऐसा ही माहौल बना रहेगा। आगे डगर कठिन है। बोरिक केवल 35 साल के हैं। अब उनके ऊपर चिली को ज़्यादा एकजुटता, अखंडता और भाईचारे वाली एक नई राजनीतिक दिशा में ले जाने की जिम्मेदारी है। साथ ही कल्याणकारी राज्य को भी ज़्यादा मजबूत करना हो। उन्हें सुधार लागू करने को लेकर जल्दबाजी नहीं दिखानी चाहिए, नहीं तो पूरी प्रक्रिया पटरी से भटक सकती है। 

उन्हें पारंपरिक राजनीतिक कुलीनों के दबाव का भी प्रतिरोध करना होगा, जो अपने विशेषाधिकारों को बनाए रखना चाहते हैं, साथी ही उन्हें खुद के कैंप से भी दबाव का सामना करना होगा, जो उन्हें जल्द नतीज़े देने के लिए कहेगा। उन्हें लोगों को यह भी भरोसा दिलाना होगा कि जब हमारा लक्ष्य साफ़ हो, उसका रास्ता स्पष्ट हो, तब धैर्य एक अच्छा गुण होता है। आखिरकार काम करने के लिए सबसे अच्छा माहौल सामाजिक स्थिरता में होता है, ना कि सामाजिक तौर पर उथल-पुथल भरे माहौल में। अक्टूबर 2019 के विरोध प्रदर्शनों से यही सीख मिलती है।  

सभी के लिए शैक्षणिक और स्वास्थ्य सुविधाएं

बोरिक और चिली के वामपंथी धड़े के पास अब एक बड़ा मौका है, जब वे साबित कर सकते हैं कि नवउदारवाद ही विकास का एकमात्रा रास्ता नहीं, जबकि नवउदारवाद कई ऐसे लोगों को बाहर छोड़ देता है, जो इसके साथ कमदताल नहीं कर सकते। नए नेता के पास मौका है कि वो साबित करे कि लैटिन अमेरिका में भी बिना अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाए भयावह सामाजिक असमता को कम करने की जगह है। यहां उन लोगों को भी गलत साबित करने का मौका है, जो सामाजिक न्याय को अतिवादी वामधड़े की भाषणबाजी बताते हैं।

सभी के लिए अच्छी गुणवत्ता की शिक्षा दिवास्वप्न नहीं है। ना ही भाईचारे पर आधारित स्वास्थ्य सुविधा, जिसमें वंचितों को विशेषाधिकार प्राप्त हों। कई यूरोपीय देशों में यह वास्तविकता है और उनमें से किसी में भी वामपंथी पार्टियों का शासन नहीं है। 

क्षेत्रीय स्तर पर, यह चिली के वामपंथी धड़े का काम होगा कि वो अबतक लैटिन अमेरिका को सता रहे भूत का सफाया करें, जो अब भी क्यूबा, वेनेजुएला और निकारागुआ में तानाशाही के रूप में मौजूद है। 

चिली में प्रवासियों की संख्या बढ़ने पर तनाव

बातचीत और समझ ज़रूरी

अभी कई सारी चुनौतियां मौजूद हैं, जो काफी जटिल हैं। लेकिन आधुनिकता और व्यवहारिकता के लिए उन्हें गंभीर नुकसान पहुंचाना जरूरी है। और अब वक़्त आ गया है कि हम उस विश्वास को ख़त्म करें कि लोगों के पास नवउदारवाद और अंधेरे में से किसी एक को चुनना है। बोरिक का एक मजबूत गुण बातचीत में हिस्सा लेना और जनमत बनाने की कोशिश करने का है। उन्हें एक ऐसी कांग्रेस में जहां उनका बहुमत नहीं है, वहां इन गुणों की जरूरत होगी। लेकिन चिली के दक्षिणपंथी धड़े को भी यह समझना होगा कि उन्हें भी ज़्यादा न्यायपूर्ण समाज बनाने की दिशा में काम करना जरूरी है, जो मनचाहे मुनाफ़े के लालच से ना चलता हो। 

अगर देश पूरे आत्मविश्वास से भविष्य में प्रवेश करना चाहता है, तो उसे नए सामाजिक समझौते की जरूरत होगी, जो नए संविधान पर आधारित होगा, जिसे फिलहाल चोट पहुंचाई जा रही है। नई सरकार के शुरुआती कुछ महीने बेहद संवेदनशील होंगे, क्योंकि इस दौरान उसे संवैधानिक प्रक्रिया को आगे चलाने के लिए जरूरी विश्वास स्थापित करना होगा। ताकि डर और अनिश्चित्ता के ऊपर हमेशा उम्मीद बरकरार रहे। 

इस लेख को जर्मन से अंग्रेज़ी, फिर हिंदी में अनुवादित किया गया है। 

Courtesy: DW 

इस लेख को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें।

Opinion: Gabriel Boric Victory a Great Opportunity for Chile's Left

Gabriel Boric
Chile
José Antonio Kast
Elections
democracy

Related Stories

भारत में संसदीय लोकतंत्र का लगातार पतन

जन-संगठनों और नागरिक समाज का उभरता प्रतिरोध लोकतन्त्र के लिये शुभ है

Press Freedom Index में 150वें नंबर पर भारत,अब तक का सबसे निचला स्तर

यूपी में संघ-भाजपा की बदलती रणनीति : लोकतांत्रिक ताकतों की बढ़ती चुनौती

ढहता लोकतंत्र : राजनीति का अपराधीकरण, लोकतंत्र में दाग़ियों को आरक्षण!

लोकतंत्र और परिवारवाद का रिश्ता बेहद जटिल है

अब ट्यूनीशिया के लोकतंत्र को कौन बचाएगा?

किधर जाएगा भारत— फ़ासीवाद या लोकतंत्र : रोज़गार-संकट से जूझते युवाओं की भूमिका अहम

न्यायिक हस्तक्षेप से रुड़की में धर्म संसद रद्द और जिग्नेश मेवानी पर केस दर केस

यह लोकतांत्रिक संस्थाओं के पतन का अमृतकाल है


बाकी खबरें

  • fact check
    प्रियंका झा
    आज तक, APN न्यूज़ ने श्रीनगर में WC में पाकिस्तान की जीत का जश्न बताकर 2017 का वीडियो चलाया
    28 Oct 2021
    ऑल्ट न्यूज़ ने श्रीनगर के एक रिपोर्टर से बात की जो समाचारपत्र के लिए काम करते हैं. उन्होंने कहा कि ये वीडियो श्रीनगर का ही है लेकिन पुराना है. उन्होंने ये भी कहा कि हाल में श्रीनगर में मैच के बाद…
  • schools colleges reopen
    भाषा
    दिल्ली: डेढ़ साल बाद एक नवंबर से फिर खुलेंगे स्कूल, कॉलेज
    28 Oct 2021
    दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को कहा कि दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने शहर में एक नवंबर से सभी शैक्षणिक संस्थानों को फिर से खोलने और छठ पूजा समारोहों को कोविड के सख्त…
  • Zakia Jafri
    सबरंग इंडिया
    जाकिया जाफरी मामला : याचिकाकर्ता ने जांच की मांग की
    28 Oct 2021
    सुप्रीम कोर्ट जाकिया जाफरी द्वारा दायर एक विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें गुजरात प्रशासन में प्रमुख सदस्यों की भूमिका की जांच की मांग की गई थी, जिन्होंने 2002 के नरसंहार को बेरोकटोक…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटे में 16,156 नए मामले, 733 मरीज़ों की मौत
    28 Oct 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.47 फ़ीसदी यानी 1 लाख 60 हज़ार 989 हो गयी है।
  • Is Earth Surrounded by a Giant Magnetic Tunnel
    संदीपन तालुकदार
    क्या पृथ्वी के चारों तरफ़ है चुम्बकीय सुरंग? नए शोध में किया गया दावा
    28 Oct 2021
    नया "टनल मॉडल" अंतरिक्ष विज्ञान में सौर मंडल के बारे में नया नज़रिया लेकर आया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License