NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
झारखंड में भूख से हुई मौत में वृद्धिः तीन दिन भूखे रहने के बाद महिला की मौत
साल 2012 में सावित्री देवी का राशन कार्ड रद्द कर दिया गया था और तब से उसे पीडीएस के ज़रिए सब्सिडी वाला अनाज नहीं मिला। भोजन की कमी के चलते सावित्री की मौत हो गई।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 Jun 2018
बच्चे

एक तरफ जहां बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में कमी करने की कोशिश कर रही है वहीं दूसरी तरफ गत शनिवार को झारखंड के गिरिडीह में भूख से एक महिला के मौत की ख़बर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सावित्री देवी नाम की एक 58 वर्षीय महिला की मौत भूख से हो गई। महिला के पास राशन कार्ड नहीं था जिसके चलते उसे पीडीएस से सब्सिडी का अनाज नहीं मिला।

 

ज्ञात हो कि कुछ साल पहले सावित्री के पति की मौत हो गई थी। बताया जाता है कि सावित्री को पिछले तीन साल से अनाज नहीं मिल रहा था। साल 2012 में राशन कार्ड रद्द होने के चलते पीडीएस दुकान से सब्सिडी वाला राशन देने से इंकार कर दिया गया था।

 

सावित्री के छोटे बेटे हुलास महातो ने कहा कि पिछले तीन साल से उसकी मां को बीपीएल विधवा पेंशन नहीं मिला। साल 2010 में महतो के पिता की मौत के बाद परिवार की आमदनी कम हो गई थी। परिवार का भरण पोषण करने में अपने खेत से उपजे अनाज और आमदनी काफी कम पर जाती थी। परिवार में महतो की मां और उसके बड़े भाई की पत्नी और उसके तीन बच्चे के साथ की पत्नी और उसकी बेटी है।

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि घर में मिट्टी का चूल्हा है जो 30 मई से नहीं जला है और सात सदस्यों वाला यह परिवार बिना खान-पान के रह रहा था।

 

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक़ ज़िला अधिकारी शीतल प्रसाद ने स्पष्ट रूप से सरकार की उपेक्षा की ओर इशारा करते हुए कहा, "अधिकारियों की लापरवाही के कारण उसका राशन कार्ड नहीं बनाया जा सका इसलिए वह अनाज पाने में असमर्थ थी।"

 

हालांकि, गिरिडीह के डिप्टी कमिश्नर मुकुंद दास ने भूख से हुई मौत के कारण से इंकार कर दिया और कहा: "शुरुआती जांच से पता चलता है कि महिला लकवा से पीड़ित थी और उसकी मौत का कारण यह हो सकता है। गहन जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम गांव भेज दी गई है।"

 

पिछले साल सितंबर और दिसंबर के बीच राज्य में भूख से हुई मौत की चार संदिग्ध घटनाएं सामने आई थी। भूख से लगातार हुई मौत से राज्य में पीडीएस मुद्दे को सुलझाने में बीजेपी की आगुवाई वाली रघुबर दास सरकार के कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े करता है। हालांकि 11 वर्षीय संतोषी कुमारी की मौत के बाद खाद्य मंत्री सरयू रॉय ने सरकार की ग़लती को स्वीकार किया था, हालिया मौत से पता चलता है कि सरकार अपनी कार्यप्रणाली को सुधारने में नाकाम रही है।

झारखंड के सिमदेगा ज़िले की संतोषी कुमारी की मौत 28 सितंबर, 2017 को क़रीब 8 दिनों तक भूखे रहने के बाद हुई थी। संतोषी के परिवार का राशन कार्ड आधार कार्ड से न जुड़ने के कारण उसका राशन कार्ड रद्द हो गया था जिसके चलते महीनों से उसे राशन नहीं मिला था। ऐसे तरीकों से सबसे कमज़ोर वर्गों के लोगों को उनके भोजन के अधिकारों से दूर रखा गया जो कि ये भोजन के अधिकार का स्पष्ट उल्लंघन है। भोजन का अधिकार भारतीय संविधान के मौलिक अधिकारों और निर्देशक सिद्धांतों का एक हिस्सा है।

सुप्रीम कोर्ट के तीन सदस्यीय पीठ ने 1996 में कहा, "किसी भी संगठित समाज में मनुष्य के रूप में जीने का अधिकार केवल मनुष्यों की पशु ज़रूरतों को पूरा करके सुनिश्चित नहीं किया जाता है ... कोई भी सभ्य समाज जीने के अधिकार की गारंटी देता है जिसमें भोजन, पानी, उचित वातावरण, शिक्षा, चिकित्सीय देखभाल और आश्रय का अधिकार शामिल है। ये किसी भी सभ्य समाज के लिए ज्ञात बुनियादी मानवाधिकार हैं।"

ज्ञात हो कि साल 2001 में दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में 47 आदिवासियों और दलितों की भूख से मौत हुई थी। विडंबना यह है कि उस वर्ष भारत के खाद्य भंडारों में क़रीब 40 मिलियन टन अनाज से भी ज़्यादा था।

23 जुलाई, 2011 को पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले में खाद्य अधिकार को लेकर सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने पाया कि "भारी मात्रा में अनाज उपलब्ध हैं, लेकिन गरीबों में इसका वितरण कम हो रहा है जो कुपोषण, भुखमरी और इससे संबंधित अन्य समस्याओं का कारण बनती है।"

अगर हम ग्लोबल हंगर इंडेक्स पर भारत के रैंक की जांच करते हैं तो हम पाते हैं कि साल 2008 से 2014 तक सुधार हुआ। हालांकि साल 2017 में यह 119 देशों में 100वें स्थान पर पहुंच गया था।

भोजन के अधिकार मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला दिया था कि यह सुनिश्चित करना सरकार का कर्तव्य था कि कोई भी भूखा न हो। विभिन्न वर्गों की विभिन्न रिपोर्टों से पता चलता है कि झारखंड में महिला की मौत के इस मुद्दे को हल करने की सरकार की अक्षमता कोई अकेला नहीं है। ये 'मानव निर्मित भुखमरी' अधिकारियों की लापरवाही के परिणाम हैं।

 

Starvation Deaths
झारखंड
PDS system
भाजपा
Right to Food

Related Stories

बिहार मिड-डे-मीलः सरकार का सुधार केवल काग़ज़ों पर, हक़ से महरूम ग़रीब बच्चे

भारत के बढ़ते भूख संकट के पीछे एक नहीं, कई कारकों का दुर्लभ संयोग 

‘UN खाद्यान्न सुरक्षा सम्मेलन’ के बहिष्कार की अपील, भारतीय संगठनों ने आयोजित की चर्चा

खाद्य सुरक्षा से कहीं ज़्यादा कुछ पाने के हक़दार हैं भारतीय कामगार

रिकॉर्ड फसल, रिकॉर्ड भंडार; लोग फिर भी भूखे क्यों हैं?

कोविड अपडेट, बेरोज़गारी दर और अन्य

एक बेरहम लॉकडाउन वाले देश में COVID-19

झारखंड : विवादित विधानसभा भवन में लगी आग

तिरछी नज़र : गोभी की सब्ज़ी और उच्चता का एहसास

बजट में कहां है भोजन का अधिकार और मनरेगा?


बाकी खबरें

  • Barauni Refinery Blast
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बरौनी रिफायनरी ब्लास्ट: माले और ऐक्टू की जांच टीम का दौरा, प्रबंधन पर उठाए गंभीर सवाल
    20 Sep 2021
    भाकपा (माले) और मज़दूर संगठन ऐक्टू की जांच टीम ने घटनास्थल का दौरा किया और अपनी एक जाँच रिपोर्ट दी, जिसमें उन्होंने कहा कि 16 सितंबर को बरौनी रिफाइनरी में हुआ ब्लास्ट प्रबन्धन की आपराधिक लापरवाही का…
  • New Homes, School Buildings, Roads and Football Academies Built Under Kerala Govt’s 100-Day Programme
    अज़हर मोईदीन
    केरल सरकार के 100-दिवसीय कार्यक्रम के तहत नए घर, विद्यालय भवन, सड़कें एवं फुटबॉल अकादमियां की गईं निर्मित  
    20 Sep 2021
    100-दिवसीय कार्यक्रम में शामिल परियोजनाओं के कार्यान्वयन पर नजर रखने के लिए बनाये गए राजकीय नियंत्रण-मंडल की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों के विभिन्न विभागों के तहत…
  • Afghanistan
    एम. के. भद्रकुमार
    शांघाई सहयोग संगठन अमेरिका की अगुवाई वाले क्वाड के अधीन काम नहीं करेगा
    20 Sep 2021
    एससीओ यानी शांघाई सहयोग संगठन, अमेरिका की अगुवाई वाले चार देशों के गठबंधन क्वाड के अधीन काम नहीं करेगा।
  • Indigenous People of Brazil Fight for Their Future
    निक एस्टेस
    अपने भविष्य के लिए लड़ते ब्राज़ील के मूल निवासी
    20 Sep 2021
    हाल ही में इतिहास की सबसे बड़ी मूल निवासियों की लामबंदी ने सत्ता प्रतिष्ठानों के आस-पास की उस शुचिता की धारणा को को तोड़कर रख दिया है जिसने सदियों से इन मूल निवासियों को सत्ता से बाहर रखा है या उनके…
  • Government employees in Jammu and Kashmir
    सबरंग इंडिया
    जम्मू-कश्मीर में सरकारी कर्मचारियों से पूर्ण निष्ठा अनिवार्य, आवधिक चरित्र और पूर्ववृत्त सत्यापन भी जरूरी
    20 Sep 2021
    16 सितंबर को जारी सरकारी आदेश में कहा गया है कि अगर किसी कर्मचारी के खिलाफ किसी भी तरह की प्रतिकूल रिपोर्ट की पुष्टि होती है तो उसे बर्खास्त किया जा सकता है
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License