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सोशल मीडिया
भारत
राजनीति
कैसे फेसबुक और भाजपा ने एक-दूसरे की मदद की?
भाजपा आईटी प्रकोष्ठ का काम देखने वाले विनीत गोयनका कहते हैं कि पार्टी ने सोशल मीडिया का सबसे अच्छा इस्तेमाल किया।
सिरिल सैम, परंजॉय गुहा ठाकुरता
30 Mar 2019
सांकेतिक तस्वीर

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष रहे नितिन गडकरी के करीबी विनीत गोयनका उस वक्त पार्टी की सोशल मीडिया रणनीति बना रहे थे। भाजपा ने किस तरह से मोदी की छवि मजबूत करने के लिए फेसबुक और व्हाट्सएप का इस्तेमाल किया, इस बारे में उन्होंने बातचीत की।

गोयनका अभी गडकरी के नेतृत्व वाले सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय में आईटी कार्यबल के प्रमुख हैं। वे पीयूष गोयल के रेल मंत्रालय के तहत आने वाले सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम के गवर्निग काउंसिल के भी सदस्य हैं।

हमने गोयनका से सीधा सवाल पूछा कि फेसबुक और भाजपा में किसने किसकी अधिक मदद की? इसके जवाब में वे कहते हैं, ‘यह बेहद कठिन सवाल है। हो सकता है कि फेसबुक ने भाजपा की जितनी मदद की उससे अधिक मदद भाजपा ने फेसबुक की, की। आप कह सकते हैं कि हमने एक-दूसरे की मदद की।’

2003 से पार्टी के युवा मोर्चे में गडकरी की मदद से सक्रिय रहे गोयनका को 2008 में महाराष्ट्र भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ में पार्टी को आधुनिक बनाने के लिए शामिल किया गया था। उन्होंने अच्छी गुणवत्ता वाली वीडिया कॉन्फ्रेंसिंग के लिए पूरे महाराष्ट्र में सफलतापूर्वक एक तंत्र तैयार किया। ताकि गडकरी जैसे नेता भाजपा कार्यकर्ताओं से संवाद स्थापित कर सकें।

उसके बाद से गोयनका ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 2013 में जब चुनाव अभियान जोर पकड़ रहा था तो उन्होंने 78,000 लोगों का एक नेटवर्क तैयार किया जो मोदी और भाजपा को मजबूत करने के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ग्रामीण प्रखंडों और शहरी वार्ड तक काम कर रहा था। हर समूह में एक व्यक्ति को फेसबुक, व्हाट्सएप और ट्विटर पर जोर देने के लिए नियुक्त किया गया था।

गोयनका ने भाजपा नेताओं को आईटी उद्योग के बड़े लोगों जैसे सोम मित्तल और राजेंद्र पवार से मिलवाया। वे हर हफ्ते आईटी पेशेवरों और उद्यमियों के साथ नई दिल्ली के 11 अशोक रोड स्थिति मुख्यालय में भाजपा नेताओं से मिलाते थे। 

उन्होंने हमें बताया, ‘2012 में सोशल मीडिया ने उदार मीडिया के वर्चस्व को तोड़ दिया। नेता सीधे मतदाताओं से संवाद करने लगे। 2012 से 2014 के दौरान कांग्रेस के भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हो गया था। मीडिया में लोगों का विश्वास कम हो रहा था। हमने मीडिया पर प्रतिक्रिया देना और इंटरनेट पर लिखना शुरू किया। हमने दूसरों के मुकाबले सोशल मीडिया का अच्छा इस्तेमाल किया।’

46 साल के गोयनका आईबीएम में काम करते थे और मुंबई के एक ऐसे परिवार से आते हैं जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का समर्थक रहा है। वे कहते हैं, ‘हमने अमेरिका में अप्रवासी भारतीयों का एक नेटवर्क तैयार किया और उनसे कहा कि वे भारत के अपने संबंधियों को सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं में शामिल होने के लिए कहें।’

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