NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिशा रवि को बेल, बीजेपी सरकार को झटका।
21 साल की दशा रवि को आखिरकार बेल मिल गईI क्या उसका गुनाह सिर्फ इतना था कि उसने जलवायु परिवर्तन एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग से बात की थी । उसका दोष सिर्फ इतना था कि उसमें एक तथाकथित टूलकिट में संशोधन किए थे। कहीं न कहीं ये पूरा मामला देश की साख के साथ भी जुड़ गया था। एक तरफ जहां बीजेपी का प्रचार तंत्र , दिशा रवि की 'हरकतों' को 'देशद्रोह' से जोड़ रहा था, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी सरकार और दिल्ली पुलिस की इस हरकत से देश की काफी हद तक बदनामी भी हुई थी। आज 'बोल कि लब आजाद हैं तेरे' में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा बता रहे हैं कि किस तरह से दिशा रवि को बेल का मामला बीजेपी सरकार के मुंह पर करारा तमाचा हैI
न्यूज़क्लिक टीम
23 Feb 2021
Disha Ravi
Disha Ravi bail
Toolkit Case

Related Stories

‘टूलकिट’ मामले में दिल्ली पुलिस की जांच को कांग्रेस ने बताया गैरक़ानूनी, जांच से खुद को हटाया

राम सनेही घाट मस्जिद, ब्लैक फंगस के मामले और अन्य

टूलकिट मामला : अदालत ने दिया दिशा रवि की याचिका पर केंद्र व पुलिस को जवाब देने का आखिरी मौका

टूलकिट मामला: दिल्ली की अदालत ने कार्यकर्ता को गिरफ्तारी से संरक्षण की अवधि बढ़ाई

जब दिशा रवि और नवदीप कौर पत्रकारिता की एक कक्षा में पहुंचीं

'Sedition' का इतिहास और दिशा रवि के जमानत आदेश का महत्त्व

दिशा रवि की ज़मानत पर न्यायालय का आदेश और राजद्रोह क़ानून में संशोधन की ज़रूरत

दिशा रवि जजमेन्ट, मां का साहस और जन-जागरण बनता किसान आंदोलन!

खोज ख़बर : दिशा रवि को राहत और नफ़रत अंधविश्वास के बीच फंसा देश

“एक हानिरहित टूलकिट का संपादक होना कोई अपराध नहीं है”


बाकी खबरें

  • इक्कीसवीं सदी में अठारहवीं सदी का जीवन जी रहे कारगिल शहीद के गांव वासी
    अजीत सिंह
    इक्कीसवीं सदी में अठारहवीं सदी का जीवन जी रहे कारगिल शहीद के गांव वासी
    27 Aug 2021
    आज भी कारगिल शहीद अनिल रावत के गाँव कुंडयू वासी बिना सड़क और मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जी रहे हैं।
  • एमनेस्टी ने हज़ारों श्रमिकों की मौतों की पर्याप्त जांच करने में कतर की विफलता को उजागर किया
    पीपल्स डिस्पैच
    एमनेस्टी ने हज़ारों श्रमिकों की मौतों की पर्याप्त जांच करने में कतर की विफलता को उजागर किया
    27 Aug 2021
    संगठन ने 2022 विश्व कप के इस मेजबान देश से विदेशी श्रमिकों की मौतों की सटीक और अंतर्निहित कारणों की जांच करने और पहचान करने का आह्वान किया है।
  • काबुल हवाई अड्डे के पास दो विस्फोटों में 100 से अधिक लोगों की मौत
    पीपल्स डिस्पैच
    काबुल हवाई अड्डे के पास दो विस्फोटों में 100 से अधिक लोगों की मौत
    27 Aug 2021
    इन धमाकों के कुछ घंटे पहले अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने चेतावनी जारी कर लोगों को 'आईएसआईएस-के' के ख़तरे के चलते हवाईअड्डे से दूर रहने को कहा। इसने बाद में इन विस्फोटों की जिम्मेदारी ली।
  • काबुल हवाई अड्डे पर धमाकों में कम से कम 95 अफ़ग़ानों की मौत : अधिकारी
    एपी/भाषा
    काबुल हवाई अड्डे पर धमाकों में कम से कम 95 अफ़ग़ानों की मौत : अधिकारी
    27 Aug 2021
    ‘इस्लामिक स्टेट-खुरासान प्रांत’ (आईएसकेपी) ने काबुल हवाईअड्डे के बाहर हुए हमलों की जिम्मेदारी ली है।
  • विशेष: गिनने और न गिनने के बीच जीती जागती जाति
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    विशेष: गिनने और न गिनने के बीच जीती जागती जाति
    27 Aug 2021
    हम सब जाति के पाखंड के शिकार हैं। अगर उसे समाज के स्तर पर तोड़ते हैं तो राजनीति के स्तर पर अपना लेते हैं और अगर राजनीति के स्तर पर तोड़ते हैं तो समाज के स्तर पर बना रहने देते हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License