NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
अमेरिका : अब 10 डॉलर ज्यादा चुकाना होगा एच1 बी आवेदन शुल्क
एच-1बी कार्यक्रम अमेरिकी कंपनियों को विदेशी कामगारों को उन पेशों में अस्थायी नौकरी देने की अनुमति देता है जिसके लिए अतिविशिष्ट ज्ञान और किसी खास क्षेत्र में स्नातक या उच्च डिग्री की जरूरत पड़ती है।
भाषा
08 Nov 2019
H-1B
प्रतीकात्मक तस्वीर। साभार : financialexpress

वाशिंगटन : अमेरिका में काम करने के लिए एच-1बी वीजा के आवेदन शुल्क के तौर पर अब 10 डॉलर ज्यादा चुकाने होंगे। अमेरिका ने अपनी संशोधित चयन प्रक्रिया के तहत इस संबंध में घोषणा की।

अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवाओं (यूएससीआईएस) ने बृहस्पतिवार को कहा कि वापस नहीं होने वाला यह शुल्क एच-1बी चयन प्रक्रिया को, आवेदन करने वालों और संघीय एजेंसी दोनों के लिए प्रभावी बनाने की खातिर नयी इलेक्ट्रॉनिक पंजीकरण प्रणाली में उपयोगी साबित होगा।

यूएससीआईएस के कार्यकारी निदेशक केन कुसिनेली ने कहा, “इस प्रयास के जरिए ज्यादा प्रभावी एच-1बी कैप चयन प्रक्रिया लागू करने में मदद मिलेगी।”

उन्होंने कहा, “इलेक्ट्रॉनिक पंजीकरण प्रणाली हमारे आव्रजन तंत्र को आधुनिक बनाने के साथ ही फर्जीवाड़े को रोकने, जांच प्रक्रियाओं में सुधार करने और कार्यक्रम की अखंडता को मजबूत करने की एजेंसी स्तरीय पहल का हिस्सा है।”

एच-1बी कार्यक्रम अमेरिकी कंपनियों को विदेशी कामगारों को उन पेशों में अस्थायी नौकरी देने की अनुमति देता है जिसके लिए अतिविशिष्ट ज्ञान और किसी खास क्षेत्र में स्नातक या उच्च डिग्री की जरूरत पड़ती है।

यूएससीआईएस ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक पंजीकरण प्रणाली लागू होने के बाद जो आवेदक एच-1बी आवेदन दायर करेंगे उन्हें पहले यूएससीआईएस में इलेक्ट्रॉनिक विधि से पंजीकरण कराना होगा।

संघीय एजेंसी वित्त वर्ष 2021 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को इस प्रणाली का सफल परीक्षण होने के बाद लागू करेगी।

एजेंसी औपचारिक निर्णय होने के बाद इसके क्रियान्वयन और शुरुआती पंजीकरण अवधि की निर्धारित समय-सीमा की घोषणा करेगी और यूएससीआईएस पंजीकरण संबंधी प्रक्रिया को लागू करने से पहले लोगों को कई बार सूचित करेगी।

H1b application fee
America
New electronic registration system
USCIS

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें

यूक्रेन पर रूस के हमले से जुड़ा अहम घटनाक्रम

यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

आओ पूरी दुनिया को बताएँ कि इस दुनिया में दक्षिणी गोलार्ध के देश भी मौजूद हैं: चौथा न्यूज़लेटर (2022)

क्या पेगासस जासूसी सॉफ्टवेयर के लिए भारत की संप्रभुता को गिरवी रख दिया गया है?


बाकी खबरें

  • Modi
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: गुजरात में मोदी के चुनावी प्रचार से लेकर यूपी में मायावती-भाजपा की दोस्ती पर..
    03 Apr 2022
    हर हफ़्ते की तरह इस बार भी कुछ ज़रूरी राजनीतिक ख़बरों को लेकर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : आग़ा हश्र कश्मीरी की दो ग़ज़लें
    03 Apr 2022
    3 अप्रैल 1879 में जन्मे उर्दू शायर, अफ़सानानिगार और प्लेराइट आग़ा हश्र कश्मीरी की जयंती पर पढ़िये उनकी दो ग़ज़लें...
  • april fools
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    एप्रिल फूल बनाया, हमको गुस्सा नहीं आया
    03 Apr 2022
    अभी परसों ही एक अप्रैल गुजरा है। एप्रिल फूल बनाने का दिन। अभी कुछ साल पहले तक एक अप्रैल के दिन लोगों को बेवकूफ बनाने का काफी प्रचलन था। पर अब लगता है लोगों ने यह एक अप्रैल को फूल बनाने का चक्कर अब
  • ज़ाहिद खान
    कलाकार: ‘आप, उत्पल दत्त के बारे में कम जानते हैं’
    03 Apr 2022
    ‘‘मैं तटस्थ नहीं पक्षधर हूं और मैं राजनीतिक संघर्ष में विश्वास करता हूं। जिस दिन मैं राजनीतिक संघर्ष में हिस्सा लेना बंद कर दूंगा, मैं एक कलाकार के रूप में भी मर जाऊंगा।’’
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    CBI क्यों बनी 'तोता', कैसे हो सकती है आजाद, CJI ने क्यों जताई चिंता
    02 Apr 2022
    दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टेब्लिशमेन्ट एक्ट-1946 के तहत सन् 1963 में स्थापित सीबीआई और देश की अन्य जांच एजेंसियों को क्यों सरकारी नियंत्रण से मुक्त होना चाहिए? एक सुसंगत लोकतंत्र के लिए इन संस्थाओं का…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License